Tuesday, September 20, 2011

तू


तू 
किस सवाल का जवाब है तू,
या खुद ही सवाल बेहिसाब है तू,
कौन है तू,कैसा है तू,
मुझसे क्यों रूबरू हो बैठा है तू,
मेरी आँखें तो तुझे पहचानती नही है,
पर धड़कन जानती तुझे है,
मेरे शब्दों की पहेली में उलझा हुआ सा,
लहरों में उठता सैलाब है तू,
पर जान के भी है अनजान सा,
एक अनदेखा अनकहा ख्वाब है तू,
मेरे सामने दिखने वाला,
मेरे जैसे ही शायद कुछ ख़ास है तू,
फिर भी मै ना समझू,
मेरे दिमाग में हलचल करने वाला,
कौन सा नया ख्याल है तू...!!!