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Saturday, October 22, 2011

कुछ दिन हम सब साथ चले थे

hey guys...this post of mine dedicated to friends..who stayed in touch...with me...u r the valuable assets for me....stay connected...!!!


हम सब कुछ दिन साथ चले थे,
एक पल इक दिन सभी मिले थे,
आशाओं से भरे हुए कुछ,
कुछ सपनो में डूब गये थे,
हर इक की एक नयी सोच थी,
हर एक का एक नया नजरिया,
फिर भी हम सब बंधे हुए थे,
हम सब कुछ दिन साथ चले थे,
हर पल को एक याद बनाते,
हर दिन को पूरा सा जीके,
लाख सजाते थे सपने हम,
मिले पंख तो उड़ जाने के,
आज कहाँ से कहाँ पहुँच गये,
चलते चलते भीड़ में खो गए,
पर अब भी हम साथ खड़े है,
एक डोरी के साथ जुड़े है,
पर, उस डोरी के दो छोरों से,
नयी उमंगें नयी आशाएं,
नए लोग और नयी दिशायें,
फिर भी हम सब साथ खड़े है,
भले डोर के दो छोरों पे,
लकिन फिर भी जुड़े हुए है,
क्यूंकि,कुछ दिन हम सब साथ चले थे...!!!!

i miss u all....
Suchita yadav....




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