There was an error in this gadget

Monday, June 17, 2013

काश .....!!!!





काश किसी से कह पाती,
काश ये घुटन सह पाती,
काश तुम्हे यूँ बतलाती,
काश इन आँखों के आँसू,
निकले हैं कई बार तुम्हे ये दिखलाती,   
काश तुम मेरी ख़ुशी बांटते,  
और मेरी ख़ुशी दुगुनी हो जाती,  
काश मुझे तुम यूँही रोकते,  
काश यूँही मै  रुक जाती,
काश मुझे तुम समझ ही जाते,  
काश तुम्हे मै  समझा पाती,
काश .....!!!!


No comments:

Post a Comment