Friday, November 21, 2014

तेरे आने से मेरा ये जहाँ रोशन है,
ये जमीन तो जमीन तो वो आसमां रोशन है,
तेरे कदमों की आहट जो इस चौखट ने सुनी है,
मेरे मुहल्ले का हर मक़ान रोशन है,
तूने जो ये इश्क़ की लौ मेरे दिल मे जलाई थी,
उस एक शमा से मेरा जेहेन-ओ-तमाम रोशन है..!!



द्वारा:
सुचिता यादव (Find me)

Saturday, November 15, 2014

आइना

मैने अपनी आँखों को कभी रोते हुए देखा नहीं,
मैने पूछा आइने से क्या तूने देखा है कभी,
आइना पलट के मुझ पर हॅंसने लगा यूँही बोला,

तुझ को तुझसे भी बेहतर मैने जाना है बिलकुल सही..!!

Monday, November 3, 2014

हमको भी यूं प्यार हुआ था

एक हँसी इक़रार हुआ था,
हमको भी यूं प्यार हुआ था
अंधेरे थे तब जीवन में,
फिर रोशन घर बार हुआ था,
खुशियों मे कोई कमी नहीं थी,
पर आँसुओं का भी दीदार हुआ था,
रब से कुछ माँगा जो मैने,
पहली दुआं वो मेरा यार हुआ था,
मुह से लफ्ज़ नहीं निकले थे,
पर आँखों मे पत्राचार हुआ था,
एक हसीन इकरार हुआ था,

और हमको भी यूं प्यार हुआ था …!!